छुट्टी तू जल्दी आया कर 

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छुट्टी तू जल्दी आया कर,

तेरे बिना होता नहीं बसर,

तू क्यों रहती इतनी दूर,

आती है मन तरसा कर!

छुट्टी तू जल्दी आया कर,

छोटी थक गयी पढ़-पढ़ कर,

माँ से कहती रो-रो कर,

संडे को खेलना है जी भर कर!

छुट्टी तू जल्दी आया कर,

पापा रहते हैं घर से दूर,

जब आते हैं घर पर,

लाते हैं खिलौने झोले भर कर!

छुट्टी तू जल्दी आया कर,

माँ तो है भोली गृहणी,

घर संभालती मेहनत कर,

जाने को मिलता ब्यूटी पार्लर!


छुट्टी तू जल्दी आया कर,

छुट्टी तू जल्दी आया कर!

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Image by yours truly

Location: Mussoorie

Published by Sneha

Thinker, Poetess, Instructional Designer

5 thoughts on “छुट्टी तू जल्दी आया कर 

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